दुनिया की परिक्रमा की एक अद्भुत यात्रा!
माउंट कैलाश पर, जो भगवान शिव और देवी पार्वती का दिव्य धाम है, उनके दो पुत्र—कार्तिकेय और गणेश—देवताओं की साक्षी में बड़े हो रहे थे।
भगवान गणेश को सबसे पहले क्यों पूजते हैं — एक वैदिक दृष्टिकोण
भूमिका वैदिक और शास्त्रीय दृष्टिकोण से भगवान गणेश की प्रथम-पूजा का कारण पौराणिक कथाएँ नहीं, बल्कि वैदिक यज्ञ-तंत्र, ब्रह्म-विचार और ब्रह्मांडीय व्यवस्था है। वेदों में जिस देवता को बाद में गणेश कहा गया, वह मूल रूप से गणपति / ब्रह्मणस्पति के रूप में प्रतिष्ठित हैं — जो वाणी, मंत्र, यज्ञ और व्यवस्था के अधिष्ठाता हैं।
